-
485
छात्र -
525
छात्राएं -
41
कर्मचारीशैक्षिक: 36
गैर-शैक्षिक: 5
परिकल्पना
- के. वि. सं. उच्च गुणवत्ता वाले शैक्षिक प्रयासों के माध्यम से उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए अपने छात्रों को ज्ञान/मूल्य प्रदान करने और उनकी प्रतिभा, उत्साह और रचनात्मकता का पोषण करने में विश्वास रखता है।
उद्देश्य
- शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैन्य कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना है।
- स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने और गति निर्धारित करने के लिए।
- केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) आदि जैसे अन्य निकायों के सहयोग से शिक्षा में प्रयोग और नवाचारों को शुरू करना और बढ़ावा देना।
- राष्ट्रीय एकता की भावना का विकास करना और बच्चों में “भारतीयता” की भावना पैदा करना।

विद्यालय के बारे में
उत्पत्ति
केन्द्रीय विद्यालय करनाल ने 1986 में एक अस्थायी भवन में कक्षा I से V तक के लिए काम करना शुरू किया। बाद में वर्ष 2011 में विद्यालय को अपने नवनिर्मित भवन में स्थानांतरित कर दिया गया।
विद्यालय का नया भवन कैथल रोड पर नई पुलिस लाइन के पास स्थित है। विद्यालय करनाल बस स्टैंड से लगभग 5 किमी दूर है। यह 2 सेक्शन का स्कूल है...
विद्यालय के दृष्टिकोण के बारे में
परिकल्पना
रक्षा और अर्धसैन्य कार्मिकों सहित स्थानांतरणीय केन्द्रीय सरकारी कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को एक समान शिक्षा कार्यक्रम प्रदान करके पूरा करना; स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता को आगे बढ़ाना और गति निर्धारित करना
विद्यालय के उद्देश्य के बारे में
शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैन्य कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना है। स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने और गति निर्धारित करने के लिए।
संदेश
श्री विकास गुप्ता, भा. प्र. से., आयुक्त
शिक्षक दिवस 2026 के अवसर पर मैं देश के समस्त शिक्षक समुदाय को अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित करता हूँ।
आज जब शिक्षा का क्षेत्र तीव्र गति से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, तब भी शिक्षण की मूल भावना और उसका सार शाश्वत है। देशभर के केन्द्रीय विद्यालयों में हमारे शिक्षक पूर्ण समर्पण, प्रतिबद्धता और अटूट उत्साह के साथ शिक्षा के उद्देश्य को आगे बढ़ा रहे हैं।
सी एस आजाद
उप आयुक्त
संदेश तत्कर्म यन्न बंधाय सा विद्या या विमुक्तये। आयासायापरम कर्म विद्यान्या शिल्पनैपुणम।। – श्री विष्णुपुराण अर्थात जो बंधन उत्पन्न न करे वही कर्म है जो मुक्ति का मार्ग प्रशस्त करे वह विद्या है। शेष कर्म परिश्रमरूप है तथा अन्य विद्यायें तो मात्र कला कौशल ही है। भारतीय ऋषि-मुनियों व मनीषियों ने ज्ञान (विद्या) को मनुष्य की मुक्ति का साधन कहा है। मनुष्य को भय, भूख, दुर्विकार , दुष्प्रवृत्तियाँ, दुराचरण, निर्बलता, दीनता व हीनता, रोग, शोक इत्यादि से मुक्ति की अभिलाषा अनंतकाल से है। श्रीविष्णुपुराण का उपरोक्त महावाक्य यही संदेश देता है कि मनुष्य को ज्ञान के द्वारा अपने समस्त क्लेशों से मुक्ति पाने का पुरुषार्थ करना चाहिए । विद्या त्याग और तपस्या का सुफल होता है इसलिए ज्ञान की उपलब्धि सदैव श्रमसाध्य है। आइये, हम सभी अनुशासित होकर, समर्पण भाव से समस्त उपलब्ध साधनों का मर्यादापूर्वक उपभोग करते हुए ज्ञानार्जन का सद्प्रयास करें। अपनी दिनचर्या में उचित आहार , विहार और विचार का समावेश करते हुए व्यक्ति के रूप में प्रकृति प्रदत्त अनंत संभावनाओं को ज्ञान की पवित्र ऊर्जा के आलोक में पल्लवित व पुष्पित करें। हम सभी कृष्ण यजुर्वेद के तैत्रीय उपनिषद के इस सूत्र का प्रतिदिन अपने विद्यालयों में प्रात:कालीन प्रार्थना सभा में सस्वरपाठ करते हैं:- ॐ सह नाववतु सह नौ भुनक्तु, सह वीर्यम करवावहै। तेजस्वि नावधीतमस्तु मा विद्विषावहै, ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः।। आइये, इस सूत्र में छुपे महान संदेश को समझें और अपने जीवन में आत्मसात कर अपना नित्य कर्म करें । मैं, गुरुग्राम संभाग के समस्त प्राचार्यों, शिक्षकों, विद्यार्थियों, अधिकारियों व कार्मिकों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित करता हूँ और एक सफल व सुखद भविष्य की कामना करता हूँ
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नीलम सिंह
प्राचार्य
बच्चे उस उपजाऊ मिट्टी में लचीले होते हैं, जिस पर किसी भी राष्ट्र की नींव तय होती है। बच्चे देश के भविष्य की नींव हैं। ये राष्ट्रीय वृक्ष की जड़ें हैं जो नई पीढ़ी को कर्म, उपासना और विद्वता का फल देती हैं। इन बच्चों को आगे की लंबी राह तय करनी है और देश को सफलता की राह पर ले जाना है। किसी राष्ट्र के भविष्य को आकार देने की प्राथमिक जिम्मेदारी तीन लोगों पर होती है- माता, पिता और शिक्षक। इनमें से शिक्षक प्रमुख भूमिका निभाते हैं - चूँकि वे इस कार्य के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित और चयनित होते हैं और अपनी ओर से यह कर्तव्य निभाते हैं। एक शिक्षक छात्रों, अभिभावकों और समाज के विश्वास का पात्र होता है और यह उसका धर्म है जो पूरी निष्ठा के साथ विश्वास और निष्ठा में विश्वास रखता है, वह हर स्थिति में अपने छात्रों को आशीर्वाद देता है। शिक्षक अपने विद्यार्थियों को एक आदर्श की तरह बनाते हैं। उनके दिशानिर्देश छात्रों के उज्ज्वल भविष्य को निर्धारित करते हैं और उनके लिए नई संभावनाएं पैदा करते हैं।
और पढ़ेंअद्यतनीकरण
- 15-09-2026 से स्कूल के समय में बदलाव की सूचना नई
- ATL इंस्ट्रक्टर और कोच के लिए वॉक-इन इंटरव्यू नई
- ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान वरिष्ठ कक्षाओं के लिए गृह कार्य २०२६ नई
- गर्मी की छुट्टियों में प्राथमिक विभाग 2026-27 के लिए गृह कार्य नई
- सत्र 2026-27 में कक्षा 1 में प्रवेश हेतु प्रोविजनल सूची नई
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शैक्षणिक योजनाकार
पीएम श्री केवी करनाल शैक्षणिक योजना 2024-25
शैक्षणिक परिणाम
पी एम् श्री के वी करनाल परीक्षा परिणाम
बाल वाटिका
पी एम् श्री के वी करनाल बालवाटिका
निपुण लक्ष्य
पी एम श्री के वी करनाल निपुण के अंतर्गत गतिविधियाँ
शैक्षणिक हानि कार्यक्रम का मुआवजा (सीएएलपी)
शैक्षणिक हानि कार्यक्रम का मुआवजा (सीएएलपी)
अध्ययन सामग्री
पी एम श्री के वी करनाल अध्ययन सामग्री
कार्यशालाएं औरअम्प; ट्रेनिंग
पी एम श्री के वी करनाल कार्यशालाएं एवं प्रशिक्षण
विद्यार्थी परिषद
पी एम श्री के वी करनाल विद्यार्थी परिषद् 2024 -25
अपने स्कूल को जानें
पी एम श्री के वी करनाल के बारे में जाने
अटल टिंकरिंग लैब
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पुस्तकालय
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प्रयोगशालाएँ - भौतिकी/रसायन विज्ञान/जीवविज्ञान
प्रयोगशालाएँ- भौतिकी/रसायन विज्ञानं/जीवविज्ञान
भवन एवं बाला पहल
पी एम श्री के वी करनाल भवन एवं बाला पहल
खेल अवसंरचना (खेल के मैदान)
पी एम श्री के वी करनाल खेल अवसरंचना
एसओपी/एनडीएमए
पी एम श्री के वी करनाल एसओपी/एनडीएमए
खेल
पी एम श्री के वी करनाल में खेल कूद क्रिया कलाप
एनसीसी/स्काउट और गाइड
पीएम श्री केवी करनाल एनसीसी/स्काउट एवं गाइड
शिक्षा भ्रमण
पी एम श्री के वी करनाल शिक्षा भ्रमण 2024-25
ओलम्पियाड
पी एम श्री के वी करनाल ओलिंपियाड
प्रदर्शनी - एनसीएससी/विज्ञान/आदि
पीएम श्री केवी करनाल प्रदर्शनी-एनसीएससी/विज्ञानं/आदि
एक भारत श्रेष्ठ भारत
पीएम श्री के वी करनाल एक भारत श्रेष्ठ भारत
कला और शिल्प
पी एम श्री के वी करनाल हस्तकला या शिल्पकला
मजेदार दिन
पी एम श्री के वी करनाल मज़ेदार दिन
युवा संसद
पी एम श्री के वी करनाल युवा संसद 2024
पीएम श्री स्कूल
पी एम श्री के वी करनाल स्कूल प्रतिबिम्ब
कौशल शिक्षा
पी एम श्री के वी करनाल कौशल शिक्षा सम्वर्धन
मार्गदर्शन एवं परामर्श
पी एम श्री के वी करनाल मार्गदर्शन एवं परामर्श
सामाजिक सहभागिता
पी एम श्री के वी करनाल सामाजिक सहभागिता
विद्यांजलि
पी एम श्री के वी करनाल विद्यालांजलि कार्यक्रम
प्रकाशन
पी एम श्री के वी करनाल प्रकाशन गतिविधियाँ
समाचार पत्र
पी एम श्री के वी करनाल संवाद पत्र 2024 -25
विद्यालय पत्रिका
पी एम श्री के वी करनाल विद्यालय पत्रिका 2024-25
देखें क्या हो रहा है ?
विद्यार्थियों के बारे में समाचार और कहानियाँ, तथा विद्यालय में नवाचार
01/10/2026
हिंदी माह के पुरुस्कृत छात्र 2026
15/05/2026
भारत भाषा उत्सव 2026
18/07/2026
छात्र अलंकरण 2026
उपलब्धियाँ
शिक्षक
विद्यार्थी
नवप्रवर्तन
स्वतंत्रता दिवस २०२६
15/08/2026
स्वतंत्रता दिवस समारोह 2026
हमारे विद्यालय के मेधावी छात्र
सीबीएसई बोर्ड परीक्षा कक्षा दसवीं और कक्षा बारहवीं
10वीं कक्षा
12वीं कक्षा
विद्यालय परिणाम
साल 2022-23
उपस्थित 84 उत्तीर्ण 77
साल 2023-24
उपस्थित 73 उत्तीर्ण 72
साल 2024-25
उपस्थित 69 उत्तीर्ण 69
साल 2025-26
उपस्थित 76 उत्तीर्ण 76
साल 2022-23
उपस्थित 53 उत्तीर्ण 53
साल 2023-24
उपस्थित 48 उत्तीर्ण 48
साल 2024-25
उपस्थित 61 उत्तीर्ण 61
साल 2025-26
उपस्थित 55 उत्तीर्ण 55